October 25, 2020

IPLT20TEAMS

IPL| T20| INDIA| TEAMS|SCORE|2018| LATEST UPDATES

राजस्थान का वो कौन सा फैसला ? जिसने उसे लगातार तीन मैच जिता दिए ?

आईपीएल का 47वां मैच. मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच. जगह मुंबई. मुंबई का होमग्राउंड. पर मुंबई के होमग्राउंड पर राजस्थान के शेर भारी पड़े. उन्हें पता था कि ये मैच जीते तो जीते वरना गए सो ये टीम आज वैसा ही खेली. पहले बढ़िया बॉलिंग की. फिर बैटिंग के तो क्या कहने. जोस बटलर इस टीम के लिए लॉटरी बनकर निकले हैं. और उन्हीं की इनिंग के बल पर राजस्थान ने ये मैच 7 विकेट से जीत लिया. मतलब एक फैसला किसी टीम की किस्मत कैसे पलट सकता है, इसे ऐसे समझिए कि पांच मैच पहले राजस्थान ने फैसला किया कि बटलर को वो ओपनिंग भेजेंगे. और उसके बाद से तो भैया ये आदमी ऐसा जागा है कि रुक ही नहीं रहा. बैक टु बैक 5 फिफ्टी मार दी हैं. पिछले तीन मैचों में बटलर की इन्हीं फिफ्टीज की वजह से राजस्थान जीती है.
वहीं मुंबई ने बैटिंग-बॉलिंग हर जगर गलती की और हारे. अब प्लेऑफ में वो राम भरोसे ही हैं. माने उसे बचे दोनों मैच तो जीतने ही होंगे और दूसरी टीमों की गणित को भी ताकना होगा. खैर रास्ता अभी राजस्थान का भी साफ नहीं हुआ है. प्लेऑफ का कंफर्म फाइनल टिकट कटाने के लिए उसे अपने बचे दोनों मैच जीतने होंगे.
मैच की शुरू से बात करें तो राजस्थान ने टॉस जीता और मुंबई को बैटिंग के लिए बुलाया. ओपनिंग आए सूर्यकुमार यादव और एविन लेविस. दोनों ने बढ़िया शुरुआत की. वैसी ही जैसी मुंबई को जरूरत थी. 10 ओवर में मुंबई के बिना विकेट खोए 86 रन बन गए. मगर ये शुरुआत खराब भी हो सकती थी. अगर स्टुअर्ट बिन्नी ने मैच के तीसरे ओवर में गड्ढापना ना किया होता. एविन लेविस का कैच नहीं छोड़ा होता. खैर होनी को कौन टाल सकता है. लेविस ने इस जीवनदान के बाद लंबी पारी खेली. खैर सूर्यकुमार यादव ने उनका साथ मैच के 11वें ओवर में छोड़ दिया. 31 बॉलों पर 38 रन बनाकर आउट हो गए.
IPLT20TEAMS
इसके बाद आए कप्तान रोहित शर्मा और तुरंत ही वापस लौट गए. जोफरा आर्चर की अगली ही बॉल पर धर लिए गए. पता नहीं कौन कहिस था पहली ही बॉल पर छक्का मारने के लिए. एक ही ओवर में दो विकेट गिरने के बाद क्रीज पर थे लेविस और ईशान किशन. वो किशन जिन्होंने पिछले मैच में कोलकाता के बॉलरों को मार-मार के भूत बना दिया था. उम्मीद थी कि वो इस बार भी कुछ वैसा ही करेंगे. मगर नहीं वो कुछ खास नहीं कर सके. स्टोक्स की बॉल पर कैच दे बैठे और 11 बॉल पर 12 रन बनाकर चलते बने.
इससे एक ओवर पहले ही लेविस भी कुलकर्णी का शिकार बन चुके थे. 60 रन बनाए. 42 बॉलों पर. चार चौकों और चार छ्क्कों की मदद से. अच्छी शुरुआत के बावजूद मुंबई के 15 ओवर में 123 रन पर चार विकेट गिर चुके थे. अब मैदान पर थे पंड्या ब्रदर्स. दोनों तगड़े वाले फिनिशर. मगर ये भाईचारा इस मैच में नहीं चला. क्रुणाल 7 बॉलों पर 3 रन बनाकर निकल लिए. बेचारे पंड्या समझ गए कि उन्हें ही अब कुछ करना होगा. सो उन्होंने किया भी. 19वें ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाया. जिसकी बदौलत मुंबई ने 168 रन बनाए. ये स्कोर हर लिहाज से कम था. माने 10 ओवर में बिना विकेट खोए 86 रन बनाने वाली टीम अगर अगले 10 ओवर में 82 रन ही बनाए तो क्या ही कहा जाए.